सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

जून 11, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लघु काव्यांश-1

लघु काव्यांश-1 कहन-कहन को  कहने लगे  कहने को क्या रामा  बनके कभी तू रामा चले  कभी बनके श्यामा  भक्त के भक्त  भक्त हुए  ले के भक्ति का ज्ञान  जानी तूने भक्त की भक्ति  भक्ति मैं भगवान  शक्ति-शक्ति का रूप धरे  ले के रूप इंसान का  करम-धरम का बोध नहीं  फिर इंसान किस काम का  अच्छे-अच्छे करम करो  ले के प्रभु का नाम  दिन-दिन भर बन्दर उछले  फिर पेड़ पे शाम  लेखक राज गोपाल राज गोपाल