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पल-पल रंग बदलती जो - इस देश की कैसी मिटटी है

इस देश की कैसी मिटटी है?  काली है, भूरी है  या लाल और मटमैली है पल-पल रंग बदलती जो  इस देश की कैसी मिटटी है  आ गई घडी चुनावों की  ये चुनाव की रैली है  जीतेगा भाई जीतेगा  फलाना वाला जीतेगा  आशाओं का पिटारा जो खोलेगा  वो गद्दी पे बैठेगा  वोट के बदले नोट ले लो  खुली नोटों की थैली है  काली है, भूरी है  या लाल और मटमैली है  वोटों के बदले लुटाई जा रही  ये कमाई काली है  लाउड स्पीकर से जैसे  बजे जा रही सिट्टी है  काली है, भूरी है  या लाल और मटमैली है पल-पल रंग बदलती जो  इस देश की कैसी मिटटी है  प्राइवेट मिलती नहीं  और फारम भरे सरकारी है  कम्पटीशन की भीड़ मैं  होती रोज़ मारा मारी है  फारम भरते भरते सरकारी  उमर निकल गई सारी है  मेहनत करने वालों का नाम नहीं  दलालों का पलड़ा भारी है  साधारण डाक से कभी टाइम से न आती  डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की ये कैसी चिट्ठी है  काली है, भूरी है  या लाल और मटमैली है पल-पल रंग बदलती जो  इस देश की कैसी मिटटी है  लेखक