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मेरे कुछ सपने हैं......



 मेरे कुछ सपने हैं......



मेरे कुछ सपने हैं 
जो अपने नाम करने हैं 
मर कर भी याद रखें सब 
ऐसे काम करने हैं...........


कल्पनाओं के सागर मैं 
गहराई तक जाये 
मुझे ऐसे गोते लगाने हैं


मेरे कुछ सपने हैं
जो अपने नाम करने हैं
मर कर भी याद रखें सब 
ऐसे काम करने हैं..........


असफलताओं ने मेरी जिंदगी मैं 
फीकेपन बहुत दिए 
मैंने सफल होने को 
लाख जतन  किये
वाबजूद इसके जज्बा मेरा 
अब भी वही है
रास्ते नए हैं
मुझे भी तो अपनी सफलताओं के
दिए जलाने  हैं 
रंगीन हो जाये मेरी दुनिया
मुझे ऐसे रंग भरने हैं



मेरे कुछ सपने हैं 
जो अपने नाम करने हैं
मर कर भी याद रखें सब 
ऐसे काम करने हैं..........



कल-कल करती आवाज
झील के पानी की
और नगमे सुनाते झरने हैं
जिंदगी मैं कभी नाराज थे जो मुझसे 
वो रूठे लोग मनाने हैं  


मेरे कुछ सपने हैं
जो अपने नाम करने हैं
मर कर भी याद रखें सब 
ऐसे काम करने हैं..........


भटका न सके जो हमको 
वो रास्ते सीधे बनाने हैं 
अपना बनाके धोखा दे जो 
वो दुश्मन हराने हैं 


मेरे कुछ सपने हैं 
जो अपने नाम करने हैं 
मर कर भी याद रखें सब
ऐसे काम करने है.......... 

लेखक
                                                                                 
                                                                                                                                                                                                       
राज गोपाल

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