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हाय - हाय कोरोना- कोरोना स्पेशल -2



 



हाय - हाय कोरोना- कोरोना स्पेशल -2

का - का रूप धरै तू ,
तेरो एक रूप न होये न
हाय - हाय कोरोना
हाय - हाय कोरोना

नए नए रूप बदलतै जाये रयौ
 तेरी एक दवा बनैयी न
 हाय-हाय कोरोना
 हाय-हाय कोरोना


 का तेरी लीला
का तेरी माया
 अब तक पतौ चलेऊ न
 हाय-हाय कोरोना
 हाय हाय कोरोना


 बहुतें कुन मारै जाये
तू सारौ मरेऊ न
 हाय-हाय कोरोना
 हाय-हाय कोरोना

 पीछे कुँआं-आगे खाई
कछु पतौ चलेऊ न
हाय-हाय कोरोना
 हाय-हाय कोरोना

 बाहर जाऊं तो तू मारै
संक्रमण फैलाई न
न बाबा न-न बाबा न
हाय-हाय कोरोना
हाय-हाय कोरोना

घर मैं रहूं तौ भूखों मरुँ
 दो पैसा कमाई न
हाय-हाय कोरोना
हाय-हाय कोरोना


तू तौ रूप बदलतै रहतौ
खुद कौ बचावें कूँ
 कमजोर कड़ी तेरी
 पकड़ मैं आये न
 हाय-हाय कोरोना
हाय-हाय कोरोना

 कैसे बचाऊँ तौंसे खुद को
 इक नुस्खा मैंकु बताई न
हाय-हाय कोरोना
हाय-हाय कोरोना

 घर मैं पड़े-पड़े सड़ रहे
 बहार नैकुँ जाई न
हाय-हाय कोरोना
हाय-हाय कोरोना

 बिन अपराध कैदी हो गईल
 तू कैद मैं आईल न
 हाय-हाय कोरोना
 हाय-हाय कोरोना 

लेखक
                                                                                 
                                                                                                                                                                                                       
राज गोपाल

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